कैलिफ़ोर्निया की छात्रा अलेखा गोल्डबर्ग ने फल मक्खियों पर मस्तिष्क चोट के उपचार का परीक्षण किया
क्या हुआ?
कैलिफ़ोर्निया की सातवीं कक्षा की छात्रा अलेखा गोल्डबर्ग, फल मक्खियों का उपयोग करके मस्तिष्क चोट के उपचार पर अपने शोध के लिए 2026 थर्मो फिशर साइंटिफिक जूनियर इनोवेटर्स चैलेंज की फाइनलिस्ट हैं। उसके अध्ययन में यह दिखाया गया कि मेथिलीन ब्लू से उपचारित घायल मक्खियों की जीवित रहने की दर बेहतर थी।
मुख्य बिंदु
- अलेखा के भाई को एक गंभीर मस्तिष्क चोट लगी, जिसने उसके शोध को प्रेरित किया।
- उसने 350 फल मक्खियों पर मेथिलीन ब्लू का परीक्षण किया ताकि इसके न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभावों का आकलन किया जा सके।
- उच्चतम खुराक वाले मेथिलीन ब्लू से उपचारित घायल मक्खियों ने बेहतर चढ़ाई की क्षमता और जीवित रहने की दर दिखाई।
- अलेखा की परियोजना एक राष्ट्रीय STEM प्रतियोगिता में 30 फाइनलिस्टों में से एक है।
- यह शोध वैज्ञानिक जांच में सरल मॉडलों की संभावनाओं को उजागर करता है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- अलेखा का अपने भाई की चोट के साथ व्यक्तिगत अनुभव उसकी वैज्ञानिक जांच को प्रेरित करता है।
- फल मक्खियों का उपयोग नियंत्रित प्रयोगों की अनुमति देता है जो महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि उत्पन्न कर सकते हैं।
- यदि आगे मान्य किया जाता है, तो मेथिलीन ब्लू मस्तिष्क चोटों के लिए नए उपचार के रास्ते खोल सकता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
अलेखा का शोध मस्तिष्क चोटों के उपचार को समझने में योगदान कर सकता है, जो प्रभावित व्यक्तियों पर प्रभाव डालता है।
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स्रोत
Times of India
