'कोई मुझे गाली नहीं देगा,' अमिताभ बच्चन की 'कांटे' के लिए शर्त, संजय गुप्ता ने किया याद
संजय गुप्ता ने 'कांटे' के निर्माण को याद करते हुए बताया कि अमिताभ बच्चन ने अपने किरदार में गाली-गलौज से बचने की शर्त रखी थी। अन्य पात्र इसका उपयोग कर सकते थे।
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क्या हुआ?
संजय गुप्ता ने 'कांटे' के निर्माण को याद करते हुए बताया कि अमिताभ बच्चन ने अपने किरदार में गाली-गलौज से बचने की शर्त रखी थी। अन्य पात्र इसका उपयोग कर सकते थे।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
बच्चन के सिद्धांतों की यह जानकारी फिल्म संवादों में बदलते मानकों को उजागर करती है।
मुख्य बिंदु
- 'कांटे' के निर्माण पर संजय गुप्ता ने चर्चा की, जो एक 2002 की क्राइम थ्रिलर है।
- अमिताभ बच्चन ने अनुरोध किया कि उनके किरदार को गाली-गलौज का उपयोग न करने दिया जाए।
- गुप्ता ने सहमति जताई, यह स्पष्ट करते हुए कि अन्य पात्र गाली-गलौज का उपयोग कर सकते हैं।
- कुछ संवादों को सेंसर प्रक्रिया के दौरान बदला गया।
- बच्चन ने पहले कभी स्क्रीन पर गाली-गलौज का उपयोग नहीं किया।
- फिल्म में एक बैंक डकैती की कहानी है जिसमें एक उल्लेखनीय कास्ट है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- बच्चन का गाली-गलौज से बचने का आग्रह भविष्य के कास्टिंग निर्णयों को प्रभावित कर सकता है।
- फिल्म के संवाद में बदलाव सेंसरशिप और दर्शकों की अपेक्षाओं में व्यापक प्रवृत्तियों को दर्शाते हैं।
- गुप्ता का बच्चन के साथ अनुभव दर्शाता है कि फिल्म निर्माताओं को प्रसिद्ध अभिनेताओं के साथ काम करते समय किस प्रकार के दबावों का सामना करना पड़ता है।
AI संक्षिप्त सारांश
संजय गुप्ता ने 'कांटे' में गाली-गलौज से बचने के लिए अमिताभ बच्चन की शर्त को याद किया, जो फिल्म के संवाद को प्रभावित करता है।
स्रोत
Times of India