वैज्ञानिकों ने चीन में 3,000 साल पुराने कलाकृतियों पर रेशम के निशान खोजे
क्या हुआ?
चीन के सान्शिंगदुई स्थल से 101 कलाकृतियों पर रेशम के निशान मिले हैं, जो प्राचीन अनुष्ठानों में मूल्यवान वस्तुओं को लपेटने का संकेत देते हैं। यह अध्ययन प्राचीन शु संस्कृति के प्रथाओं की जानकारी देता है।
मुख्य बिंदु
- रेशम के निशान 101 कलाकृतियों पर मिले, जिनमें कांस्य मुखौटे और सोने की वस्तुएं शामिल हैं।
- ये कलाकृतियां शांग काल के अंतिम चरण (1300-1046 ईसा पूर्व) की हैं।
- सूक्ष्म परीक्षणों से पता चला कि रेशम का उपयोग अनुष्ठानों के दौरान मूल्यवान वस्तुओं को लपेटने के लिए किया गया था।
- कुछ रेशम के नमूनों में लाल रंग के कण मिले, जिन्हें ओक्र के रूप में पहचाना गया।
- रेशम अक्सर कलाकृतियों के नीचे या उनके चारों ओर परतों में पाया गया, जो इसके अनुष्ठानिक महत्व को दर्शाता है।
- रेशम का संरक्षण धातु के जंग लगने से होने वाली खनिजकरण से सहायता मिली।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- रेशम की उपस्थिति प्राचीन चीन में उन्नत वस्त्र तकनीकों का सुझाव देती है।
- विभिन्न बुनाई पैटर्न अनुष्ठानों में रेशम के विभिन्न उपयोगों को दर्शाते हैं।
- ये निष्कर्ष प्राचीन चीनी धार्मिक प्रथाओं की बेहतर समझ की ओर ले जा सकते हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह खोज प्राचीन शु संस्कृति के अनुष्ठानिक प्रथाओं पर प्रकाश डालती है।
संस्थाएँ
स्रोत
Times of India