अंटार्कटिक समुद्री बर्फ ने रिकॉर्ड पर तीसरे सबसे कम शीतकालीन अधिकतम तक पहुंचा
अंटार्कटिक समुद्री बर्फ ने 14 सितंबर को 17.59 मिलियन वर्ग किलोमीटर पर पहुंचकर रिकॉर्ड पर तीसरे सबसे कम अधिकतम का संकेत दिया। यह हाल के वर्षों में समुद्री बर्फ में गिरावट के रुझान को जारी रखता है।
क्या हुआ?
अंटार्कटिक समुद्री बर्फ ने 14 सितंबर को 17.59 मिलियन वर्ग किलोमीटर पर पहुंचकर रिकॉर्ड पर तीसरे सबसे कम अधिकतम का संकेत दिया। यह हाल के वर्षों में समुद्री बर्फ में गिरावट के रुझान को जारी रखता है।
AI संक्षिप्त सारांश
अंटार्कटिक समुद्री बर्फ ने तीसरे सबसे कम शीतकालीन अधिकतम तक पहुंचकर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को दर्शाया।
मुख्य बिंदु
- अंटार्कटिक समुद्री बर्फ ने 14 सितंबर को 17.59 मिलियन वर्ग किलोमीटर पर अधिकतम विस्तार प्राप्त किया।
- यह माप रिकॉर्ड पर तीसरे सबसे कम अधिकतम है, जो दीर्घकालिक औसत से कम है।
- अंटार्कटिक समुद्री बर्फ के लिए चार सबसे कम वर्ष पिछले चार वर्षों में हुए हैं।
- डॉ. वॉल्ट मियर ने समुद्री बर्फ के माप में संभावित परिवर्तनशीलता का उल्लेख किया।
- हाल के वर्षों में सर्दियों और गर्मियों में समुद्री बर्फ के लिए रिकॉर्ड टूट गए हैं।
- 1979 से 2014 तक, अंटार्कटिक समुद्री बर्फ में प्रति दशक लगभग 1% की वृद्धि हुई, लेकिन 2016 में महत्वपूर्ण कमी शुरू हुई।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- समुद्री बर्फ में निरंतर गिरावट अंटार्कटिक जलवायु प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव का सुझाव देती है।
- यह प्रवृत्ति समुद्री जीवन को प्रभावित कर सकती है जो आवास और भोजन के लिए समुद्री बर्फ पर निर्भर करता है।
- डेटा से पता चलता है कि जलवायु परिवर्तन ध्रुवीय क्षेत्रों को पहले से अधिक तेजी से प्रभावित कर रहा है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
अंटार्कटिक समुद्री बर्फ में गिरावट जलवायु परिवर्तन और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र पर इसके प्रभाव को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
स्रोत
Times of India