
भूटान के राजा ने पीएम मोदी को बौद्ध स्तूप समर्पित किया, रिजिजू ने इसे बड़ा सम्मान बताया
क्या हुआ?
ल्हाबाब डुचेन पर, भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने पीएम मोदी को एक बौद्ध स्तूप समर्पित किया, जो भारत-भूटान मित्रता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मान्यता देता है। किरण रिजिजू ने गेलेफु में समारोह में भाग लिया।
मुख्य बिंदु
- राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने समारोह के दौरान पीएम मोदी को स्तूप 76 समर्पित किया।
- यह समर्पण ल्हाबाब डुचेन पर हुआ, जो एक महत्वपूर्ण बौद्ध त्योहार है।
- 108 स्तूपों के निर्माण में 40,000 से अधिक स्वयंसेवकों ने छह घंटे में भाग लिया।
- रिजिजू ने समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया, इसकी आध्यात्मिक महत्वता को उजागर किया।
- समारोह ने भूटान की समृद्ध बौद्ध विरासत और भारत-भूटान मित्रता को दर्शाया।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- स्तूप 76 का समर्पण भारत और भूटान के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूत कर सकता है।
- यह घटना दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक बंधनों को उजागर करती है।
- स्तूप निर्माण में हजारों की भागीदारी भूटान में सामुदायिक भावना को दर्शाती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह समर्पण भारत और भूटान के बीच मजबूत संबंधों और आध्यात्मिक संबंध का प्रतीक है।
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स्रोत
India Today



