
ब्राउन-फॉर्मन ने भारत को पांच वर्षों में स्कॉच के लिए शीर्ष 10 बाजार बनाने का लक्ष्य रखा
क्या हुआ?
ब्राउन-फॉर्मन अगले पांच वर्षों में भारत को स्कॉच व्हिस्की के लिए अपने शीर्ष 10 बाजारों में रखने की योजना बना रहा है, जो उपभोक्ता रुचि और भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते से प्रेरित है। कंपनी 'द ग्लेनड्रोनाच' के साथ अपने स्कॉच पोर्टफोलियो का विस्तार करने का लक्ष्य रखती है।
मुख्य बिंदु
- ब्राउन-फॉर्मन ने मई 2026 में 'द ग्लेनड्रोनाच' के साथ भारतीय स्कॉच बाजार में प्रवेश किया।
- कंपनी अगली बार बेनरियाच और ग्लेंग्लासॉघ ब्रांड पेश करने की योजना बना रही है।
- भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता, जो 15 जुलाई 2026 से प्रभावी है, स्कॉच आयात शुल्क को कम करेगा।
- पिछले दशक में भारत में स्कॉच व्हिस्की के निर्यात में 200% से अधिक की वृद्धि हुई।
- ब्राउन-फॉर्मन भारत में एक मजबूत प्रीमियम स्पिरिट पोर्टफोलियो बनाने का लक्ष्य रखता है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- आयात शुल्क में कमी से भारत में स्कॉच व्हिस्की की बिक्री में वृद्धि हो सकती है।
- ब्राउन-फॉर्मन की रणनीति भारतीय उपभोक्ताओं के बीच प्रीमियमाइजेशन के बढ़ते रुझान को दर्शाती है।
- ब्रांडों की चरणबद्ध पेशकश कंपनी के सावधानीपूर्वक बाजार दृष्टिकोण को दर्शाती है।
बाज़ार पर प्रभाव
Spirits
Positiveआयात शुल्क में कमी से भारत में स्कॉच व्हिस्की की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे बिक्री में वृद्धि हो सकती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह विकास भारत में प्रीमियम स्पिरिट्स बाजार पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है, उच्च गुणवत्ता वाली स्कॉच की ओर अधिक उपभोक्ताओं को आकर्षित कर सकता है।
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स्रोत
Business Standard


