CEA ने सौर, पवन परियोजनाओं के लिए अनिवार्य भंडारण का प्रस्ताव रखा
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने प्रस्तावित किया है कि 2027 से नई सौर और पवन परियोजनाओं में कम से कम 10% क्षमता के लिए दो घंटे का बैटरी भंडारण शामिल होना चाहिए। यह आवश्यकता नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में उतार-चढ़ाव को प्रबंधित करने के लिए है।
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क्या हुआ?
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने प्रस्तावित किया है कि 2027 से नई सौर और पवन परियोजनाओं में कम से कम 10% क्षमता के लिए दो घंटे का बैटरी भंडारण शामिल होना चाहिए। यह आवश्यकता नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में उतार-चढ़ाव को प्रबंधित करने के लिए है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह प्रस्ताव भारत के विद्युत ग्रिड में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की विश्वसनीयता को बढ़ा सकता है।
मुख्य बिंदु
- नई सौर और पवन परियोजनाओं को 2027 से बैटरी भंडारण स्थापित करना होगा।
- प्रारंभिक भंडारण आवश्यकता क्षमता का 10% दो घंटे के लिए है।
- 1 जुलाई, 2029 के बाद शुरू की गई परियोजनाओं के लिए आवश्यकताएँ बढ़ेंगी।
- वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में 8,133 GWh से अधिक सौर ऊर्जा को रोका गया।
- हितधारक 4 अक्टूबर तक मसौदा नियमों पर सुझाव दे सकते हैं।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- चरणबद्ध भंडारण अनिवार्यता नवीकरणीय ऊर्जा को ग्रिड में एकीकृत करने की चुनौतियों का समाधान करने का लक्ष्य रखती है।
- भंडारण आवश्यकताओं में वृद्धि नए परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक लागत को बढ़ा सकती है, जिससे निवेश निर्णय प्रभावित हो सकते हैं।
- सौर ऊर्जा की कटौती प्रभावी भंडारण समाधानों की आवश्यकता को उजागर करती है ताकि ऊर्जा के उपयोग को अनुकूलित किया जा सके।
AI संक्षिप्त सारांश
CEA ने 2027 से नई सौर और पवन परियोजनाओं के लिए ऊर्जा उतार-चढ़ाव को प्रबंधित करने के लिए अनिवार्य बैटरी भंडारण का प्रस्ताव रखा है।
स्रोत
Times of India
