कुल्लिनन हीरा: एक सदी पुरा शाही खजाना
क्या हुआ?
1905 में, फ्रेडरिक वेल्स ने दक्षिण अफ्रीका में 3,106 कैरेट का हीरा खोजा, जिसे कुल्लिनन नाम दिया गया। इसका सबसे बड़ा कट, ग्रेट स्टार ऑफ अफ्रीका, अब ब्रिटिश क्राउन ज्वेल्स का हिस्सा है।
मुख्य बिंदु
- कुल्लिनन हीरा 26 जनवरी 1905 को फ्रेडरिक वेल्स द्वारा खोजा गया था।
- इसका वजन 3,106 कैरेट था और यह अब तक का सबसे बड़ा रत्न-गुणवत्ता वाला कच्चा हीरा है।
- हीरे का नाम सर थॉमस कुल्लिनन के नाम पर रखा गया, जो प्रीमियर डायमंड माइनिंग कंपनी के अध्यक्ष थे।
- ट्रांसवाल सरकार ने हीरा खरीदा और इसे 1907 में किंग एडवर्ड VII को पेश किया।
- कुल्लिनन I, जिसका वजन 530.2 कैरेट है, अब सोवरेन के स्केप्टर में सेट है।
- कटिंग प्रक्रिया में आठ महीने लगे और इससे नौ प्रमुख पत्थर और 97 छोटे हीरे बने।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- हीरे की खोज ने खनन उद्योग में एक महत्वपूर्ण क्षण का संकेत दिया, जो दक्षिण अफ्रीकी खानों की संभावनाओं को दर्शाता है।
- हीरा भेंट करने का राजनीतिक इशारा दक्षिण अफ्रीकी युद्धों के बाद संबंधों को सुधारने का उद्देश्य था।
- कटिंग प्रक्रिया की सावधानी हीरे के प्रबंधन में आवश्यक शिल्प कौशल और विशेषज्ञता को उजागर करती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
कुल्लिनन हीरे का इतिहास दक्षिण अफ्रीका और ब्रिटेन के बीच महत्वपूर्ण राजनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है।
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संस्थाएँ
स्रोत
Times of India