E100 कारों को नियामक हरी झंडी मिली, योजनाबद्ध लॉन्च से पहले
क्या हुआ?
भारतीय सरकार ने 100% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर चलने वाली फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के पंजीकरण को मंजूरी दी है। यह बदलाव कार निर्माताओं के E100 मॉडल लॉन्च करने की तैयारी के साथ आया है।
मुख्य बिंदु
- सरकार ने E100 पंजीकरण की अनुमति देने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में बदलाव की सूचना दी।
- E100 और E85 ईंधन केवल विशेष रूप से डिज़ाइन की गई वाहनों के लिए हैं।
- E20 या सामान्य ईंधन का उपयोग करने वाले मौजूदा वाहन E85 या E100 पर स्विच नहीं कर सकते।
- फ्लेक्स फ्यूल तकनीक पहले से ही ब्राजील और अमेरिका जैसे देशों में उपयोग की जा रही है।
- इथेनॉल का पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में कम कार्बन फुटप्रिंट है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- E100 की ओर बढ़ने से भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हो सकती है।
- उच्च इथेनॉल मिश्रण से टेलपाइप उत्सर्जन में कमी आ सकती है।
- फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को अपनाने से ऑटोमोटिव क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिल सकता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह नियामक बदलाव भारत में अधिक टिकाऊ ईंधन विकल्पों के उपयोग को बढ़ावा दे सकता है।
स्रोत
Times of India



