
अल नीनो प्रभाव: भारत में गर्म सर्दी, गेहूं की पैदावार पर संकट
क्या हुआ?
अल नीनो के भारत में सर्दियों के मौसम पर प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ रही है, जिससे तापमान बढ़ सकता है और गेहूं की पैदावार प्रभावित हो सकती है। विश्व मौसम संगठन ने 2027 तक अल नीनो के और मजबूत होने की चेतावनी दी है।
मुख्य बिंदु
- अल नीनो भारत में सर्दियों के तापमान को बढ़ा सकता है।
- इस वर्ष भारत में मॉनसून के दौरान 13% कम बारिश हुई।
- पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 26% कम बारिश दर्ज की गई, जो सूखे की स्थिति को दर्शाता है।
- विश्व मौसम संगठन ने 2026 के अंत तक अल नीनो के मजबूत होने की भविष्यवाणी की है।
- उच्च सर्दी के तापमान से गेहूं की फसल पर असर पड़ सकता है, खासकर दाने भरने के चरण में।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- यदि अल नीनो मजबूत होता है, तो यह भारत के कुछ क्षेत्रों में लंबे समय तक सूखे की स्थिति पैदा कर सकता है।
- गेहूं की पैदावार पर प्रभाव क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।
- आने वाले महीनों में मौसम के पैटर्न की निगरानी किसानों और नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण होगी।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
सर्दियों के तापमान में संभावित वृद्धि भारत में जल संसाधनों और गेहूं की पैदावार को प्रभावित कर सकती है।
स्रोत
India Today

