विशाखापत्तनम में गूगल डेटा सेंटर एयर-कूलिंग तकनीक का उपयोग करेगा: सांसद
विशाखापत्तनम के सांसद एम. श्रीभारत ने पुष्टि की कि आगामी गूगल डेटा सेंटर एयर-कूलिंग तकनीक का उपयोग करेगा, जिससे पानी की खपत पर चिंता का समाधान होगा। उन्होंने जोर दिया कि इस सुविधा से स्थानीय जल आपूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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क्या हुआ?
विशाखापत्तनम के सांसद एम. श्रीभारत ने पुष्टि की कि आगामी गूगल डेटा सेंटर एयर-कूलिंग तकनीक का उपयोग करेगा, जिससे पानी की खपत पर चिंता का समाधान होगा। उन्होंने जोर दिया कि इस सुविधा से स्थानीय जल आपूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
एयर-कूलिंग तकनीक का उपयोग करने का निर्णय स्थानीय जल आपूर्ति की चिंताओं को कम कर सकता है, जबकि पर्यावरणीय जांच बढ़ रही है।
मुख्य बिंदु
- सांसद एम. श्रीभारत ने घोषणा की कि गूगल डेटा सेंटर एयर-कूलिंग तकनीक का उपयोग करेगा।
- उच्च जल खपत को लेकर चिंताएं उठाई गई हैं, लेकिन सांसद ने स्थानीय जल आपूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं होने का आश्वासन दिया।
- एआई डेटा सेंटर पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन पर्यावरणीय प्रभावों पर चर्चा करेगा और 'विशाखापत्तनम घोषणा' जारी करेगा।
- सांसद ने कहा कि जल आपूर्ति की समस्याएं केवल तब उत्पन्न होंगी जब कई वर्षों बाद उच्च जल-उपयोग करने वाले उद्योग शुरू होंगे।
- उन्होंने विकिरण और गर्मी के बारे में चिंताओं का समाधान करते हुए कहा कि पर्यावरणीय मंजूरी कानूनी रूप से प्राप्त की गई थी।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- एयर-कूलिंग तकनीक की ओर बदलाव क्षेत्र में भविष्य के डेटा केंद्रों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है, जिससे पानी के उपयोग में कमी आ सकती है।
- एयर-कंडीशनिंग इकाइयों का स्थानीय निर्माण राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे सकता है और नौकरियों का सृजन कर सकता है, भले ही प्रारंभिक नौकरी सृजन के बारे में चिंताएं हों।
- आगामी सम्मेलन डेटा केंद्रों और उनके पर्यावरणीय प्रभाव के बारे में सार्वजनिक धारणा और नीति को आकार दे सकता है।
- पर्यावरणीय मंजूरियों के बारे में सांसद के आश्वासन अनुपालन पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जो भविष्य की अवसंरचना परियोजनाओं को प्रभावित कर सकता है।
AI संक्षिप्त सारांश
विशाखापत्तनम के सांसद एम. श्रीभारत ने पुष्टि की कि गूगल डेटा सेंटर एयर-कूलिंग तकनीक का उपयोग करेगा, जिससे पानी की खपत की चिंताओं का समाधान होगा।
स्रोत
The Hindu



