ग्रीन कार्ड स्थगन: H-1B वीज़ा परिवर्तनों पर भारतीय आईटी कर्मचारियों के लिए 5 प्रमुख बातें
अमेरिका ने प्रमुख आईटी कंपनियों के लिए PERM आवेदन निलंबित कर दिए हैं, जिससे भारतीय H-1B कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। प्रभावित कंपनियों में माइक्रोसॉफ्ट और TCS शामिल हैं।
क्या हुआ?
अमेरिका ने प्रमुख आईटी कंपनियों के लिए PERM आवेदन निलंबित कर दिए हैं, जिससे भारतीय H-1B कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। प्रभावित कंपनियों में माइक्रोसॉफ्ट और TCS शामिल हैं।
AI संक्षिप्त सारांश
अमेरिका ने प्रमुख आईटी कंपनियों के लिए PERM आवेदन निलंबित कर दिए हैं, जिससे भारतीय H-1B कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड मार्ग प्रभावित हो रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- H-1B वीज़ा सक्रिय हैं; कार्यक्रम रद्द नहीं हुआ है।
- ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के लिए PERM प्रक्रिया महत्वपूर्ण है।
- पांच प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियाँ प्रभावित हैं: TCS, Infosys, Cognizant, Wipro, और HCL।
- भारतीय H-1B कर्मचारियों को अपने ग्रीन कार्ड आवेदनों के संबंध में अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है।
- माइक्रोसॉफ्ट विदेशी कर्मचारियों के साथ अमेरिकी श्रमिकों को बदलने के आरोपों का खंडन करता है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- PERM स्थगन कई भारतीय आईटी कर्मचारियों के लिए ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में देरी कर सकता है।
- प्रभावित कंपनियों को कार्रवाई के जवाब में अपनी भर्ती रणनीतियों को समायोजित करने की आवश्यकता हो सकती है।
- यह स्थिति भारतीय आवेदकों के बीच H-1B वीज़ा के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा का कारण बन सकती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह विकास अमेरिका में भारतीय आईटी पेशेवरों के करियर पथ को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है।
टैग
संस्थाएँ
स्रोत
Times Now
