
जिम ब्रेक लेने से मांसपेशियों का तुरंत नुकसान नहीं होगा, विशेषज्ञों ने बताया नुकसान कब शुरू होता है
विशेषज्ञों का कहना है कि जिम वर्कआउट बंद करने के तुरंत बाद मांसपेशियों का नुकसान नहीं होता। लंबे समय तक निष्क्रियता और कम प्रोटीन सेवन से समय के साथ मांसपेशियों का धीरे-धीरे नुकसान हो सकता है।
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क्या हुआ?
विशेषज्ञों का कहना है कि जिम वर्कआउट बंद करने के तुरंत बाद मांसपेशियों का नुकसान नहीं होता। लंबे समय तक निष्क्रियता और कम प्रोटीन सेवन से समय के साथ मांसपेशियों का धीरे-धीरे नुकसान हो सकता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
मांसपेशियों के नुकसान को समझना व्यक्तियों को ब्रेक के दौरान अपनी फिटनेस बनाए रखने में मदद कर सकता है।
मुख्य बिंदु
- जिम वर्कआउट बंद करने से तुरंत मांसपेशियों का नुकसान नहीं होता।
- मांसपेशियों का नुकसान, या एट्रोफी, धीरे-धीरे होता है और यह व्यक्ति के अनुसार भिन्न होता है।
- रोकने के बाद प्रारंभिक परिवर्तन मांसपेशियों में ग्लाइकोजन और पानी की कमी के कारण हो सकते हैं।
- निष्क्रियता के तीन से चार सप्ताह बाद मांसपेशियों का ध्यान देने योग्य नुकसान शुरू हो सकता है।
- कम प्रोटीन सेवन के साथ निष्क्रियता मांसपेशियों के नुकसान के जोखिम को बढ़ा देती है।
- दैनिक शारीरिक गतिविधि बनाए रखना मांसपेशियों की रक्षा में मदद कर सकता है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- व्यक्तियों को सक्रिय रहकर और पर्याप्त प्रोटीन का सेवन करके मांसपेशियों के नुकसान को कम करने की आवश्यकता है।
- मांसपेशियों की याददाश्त प्रशिक्षण में लौटने पर ताकत और मांसपेशियों की तेजी से वसूली की अनुमति देती है।
- जिम से छोटे ब्रेक लंबे समय की फिटनेस पर महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं डाल सकते।
AI संक्षिप्त सारांश
विशेषज्ञ बताते हैं कि जिम वर्कआउट बंद करने के तुरंत बाद मांसपेशियों का नुकसान नहीं होता, लेकिन निष्क्रियता के कई हफ्तों बाद शुरू हो सकता है।
स्रोत
India Today

