IISc ने कैंसर दवाओं के ट्यूमर में प्रवेश का अध्ययन करने के लिए 3D-प्रिंटेड मॉडल विकसित किया
क्या हुआ?
IISc के शोधकर्ताओं ने कैंसर दवाओं की गहरी ट्यूमर क्षेत्रों में प्रभावशीलता का अध्ययन करने के लिए एक कम लागत वाला 3D-प्रिंटेड उपकरण बनाया है। यह मॉडल ट्यूमर में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की कमी वाली स्थितियों का अनुकरण करता है।
मुख्य बिंदु
- यह उपकरण ट्यूमर के अंदर की स्थितियों का अनुकरण करता है, जिससे विभिन्न गहराइयों पर दवा की प्रतिक्रिया का अध्ययन किया जा सके।
- यह पोषक तत्वों और ऑक्सीजन के स्तर का अनुकरण करने के लिए 'Cells-in-Gel-in-Paper' मॉडल का उपयोग करता है।
- शोधकर्ताओं ने इस मॉडल का परीक्षण MDA-MB-231 स्तन कैंसर कोशिकाओं के साथ किया।
- परिणामों से पता चला कि मॉडल की गहराई में जीवित कोशिकाओं की संख्या में कमी और मृत कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि हुई।
- गहरे स्तरों में doxorubicin का प्रवेश कम प्रभावी था।
- अध्ययन में doxorubicin और paclitaxel के बीच प्रतिकूल इंटरैक्शन पाया गया जब उन्हें एक साथ उपयोग किया गया।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- इस मॉडल का डिज़ाइन दवा स्क्रीनिंग विधियों को अधिक सुलभ बना सकता है।
- दवा के प्रवेश को समझने से ठोस ट्यूमर के लिए बेहतर उपचार रणनीतियों में मदद मिल सकती है।
- ये निष्कर्ष बेहतर प्रभावशीलता के लिए दवा संयोजनों पर आगे के शोध को प्रेरित कर सकते हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह विकास कैंसर उपचार में दवा की प्रभावशीलता को समझने में सुधार कर सकता है।
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स्रोत
Times of India


