भारत और कनाडा ने नए व्यापार सौदों पर हस्ताक्षर किए, CEPA वार्ता प्रगति पर
क्या हुआ?
भारत और कनाडा ने कर्नाटक में कनाडा-भारत व्यापार समारोह के दौरान कई व्यापारिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए, CEPA को 2026 के अंत तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य है।
मुख्य बिंदु
- समझौतों पर हस्ताक्षर कनाडा-भारत व्यापार समारोह में किए गए, जिसमें कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री, मनिंदर सिद्धू शामिल थे।
- CEPA वार्ता का पांचवां दौर 5 से 9 अक्टूबर तक ओटावा में हुआ।
- भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार FY26 में 7.96 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
- प्रस्तावित CEPA द्विपक्षीय व्यापार को 4.4 अरब से 6.5 अरब डॉलर तक बढ़ा सकता है।
- कनाडा अगले दशक में अमेरिका के बाहर बाजारों में अपने निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य रखता है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- CEPA दोनों देशों के व्यवसायों के लिए बाजार पहुंच में सुधार कर सकता है।
- कनाडाई कंपनियां भारत को प्रौद्योगिकी और नवाचार के लिए एक प्रमुख बाजार के रूप में देख रही हैं।
- AI और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों पर ध्यान एक रणनीतिक साझेदारी की संभावनाओं को दर्शाता है।
बाज़ार पर प्रभाव
trade
PositiveCEPA व्यापार संबंधों को बढ़ाने की उम्मीद है और द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि कर सकता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
ये समझौते भारत और कनाडा के बीच व्यापार संबंधों और आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकते हैं।
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स्रोत
Times of India


