
पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत: पीएम मोदी ने 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा
क्या हुआ?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और 2030 तक 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
मुख्य बिंदु
- पीएम मोदी ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में सौर ऊर्जा कनेक्शन की आवश्यकता पर जोर दिया।
- भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 300 GW से अधिक है।
- दशक के अंत तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश के अवसरों की उम्मीद है।
- भारत का लक्ष्य हर साल 50 लाख टन हाइड्रोजन का उत्पादन करना है।
- ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के दूसरे चरण के लिए सरकार ने 2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है।
- 44,000 से अधिक सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ा गया है, जिससे लगभग 700 करोड़ रुपये की वार्षिक बचत हुई है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- भारत का नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यान ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ा सकता है और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता को कम कर सकता है।
- नवीकरणीय ऊर्जा में भारी निवेश आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित कर सकता है।
- सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को सौर ऊर्जा से जोड़ने से सरकार के लिए दीर्घकालिक लागत बचत हो सकती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह घोषणा भारत की नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर करती है, जो महत्वपूर्ण निवेश को आकर्षित कर सकती है।
संस्थाएँ
स्रोत
Times Now
