
वैश्विक संकट के बीच भारत का बड़ा ऊर्जा प्लान, PM मोदी बोले- खुलेंगे 20 लाख करोड़ रुपये के मौके
क्या हुआ?
मिडिल-ईस्ट में तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच, पीएम मोदी ने अगले दशक में 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ने की भारत की तत्परता का ऐलान किया। उन्होंने आर्थिक स्थिरता के लिए ऊर्जा सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया।
मुख्य बिंदु
- पीएम मोदी ने अगले 10-11 वर्षों में 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ने की योजना का ऐलान किया।
- भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 300 GW से अधिक हो चुकी है, जिसने पेरिस समझौते का लक्ष्य 5 साल पहले हासिल किया।
- सरकार ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के दूसरे चरण के लिए 2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
- पीएम मोदी ने दशक के अंत तक अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया।
- 44,000 से अधिक सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ा गया है, जिससे लगभग 700 करोड़ रुपये की वार्षिक बचत हो रही है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करने से भारत की जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम हो सकती है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी।
- नवीकरणीय क्षेत्र में निवेश के अवसर घरेलू और विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर सकते हैं।
- ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भारत को स्थायी ऊर्जा में एक नेता के रूप में स्थापित कर सकती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह घोषणा भारत के ऊर्जा परिदृश्य और आर्थिक विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।
स्रोत
India Today


