भारत ने एपीएसी बाजारों में सबसे अधिक मोबाइल खतरे का पता लगाया: कास्परस्की रिपोर्ट
भारत ने 2026 की पहली तिमाही में 18,187 मोबाइल खतरे का पता लगाया, जो कास्परस्की के अनुसार एपीएसी के आठ बाजारों में सबसे अधिक है। यह वृद्धि साइबर जोखिमों को उजागर करती है।
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क्या हुआ?
भारत ने 2026 की पहली तिमाही में 18,187 मोबाइल खतरे का पता लगाया, जो कास्परस्की के अनुसार एपीएसी के आठ बाजारों में सबसे अधिक है। यह वृद्धि साइबर जोखिमों को उजागर करती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
भारत में मोबाइल खतरे के उच्च स्तर का पता लगाना उपयोगकर्ताओं के लिए बढ़ते जोखिम को दर्शाता है, जो संभावित रूप से साइबर सुरक्षा उपायों में वृद्धि कर सकता है।
मुख्य बिंदु
- भारत ने 2026 की पहली तिमाही में 18,187 मोबाइल खतरे का पता लगाया।
- इंडोनेशिया में 15,163 खतरे का पता चला।
- Rewardsteal Trojan जैसे मैलवेयर उपयोगकर्ताओं को लक्षित कर रहे हैं।
- प्रति उपयोगकर्ता औसत मोबाइल खतरे का पता लगाने में 49% की वृद्धि हुई।
- साइबर अपराधी जानकारी चुराने के लिए जटिल तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं।
- फर्जी प्रचार और फ़िशिंग हमलों के सामान्य तरीके हैं।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- मोबाइल खतरों में वृद्धि साइबर अपराधियों की रणनीतियों में लक्षित हमलों की ओर बदलाव का सुझाव देती है।
- कम उपयोगकर्ताओं के बावजूद खतरों का सामना करने के बावजूद पहचान में वृद्धि विशिष्ट लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत देती है।
- मोबाइल खतरों की जटिलता उपयोगकर्ताओं को मजबूत सुरक्षा प्रथाओं को अपनाने की आवश्यकता हो सकती है।
AI संक्षिप्त सारांश
भारत ने 2026 की पहली तिमाही में 18,187 मोबाइल खतरे का पता लगाया, जो साइबर सुरक्षा जोखिमों में वृद्धि को दर्शाता है।
स्रोत
Times of India

