इंडियाना के छात्रों ने दृष्टिहीनों के लिए पहनने योग्य उपकरण विकसित किया
रोस हल्मन इंस्टीट्यूट के पांच इंजीनियरिंग छात्रों ने दृष्टिहीनों की मदद के लिए 12 घंटे चलने वाला पहनने योग्य उपकरण विकसित किया। यह परियोजना जॉन मारम द्वारा प्रेरित है और इसका उद्देश्य पहुंच में सुधार करना है।
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क्या हुआ?
रोस हल्मन इंस्टीट्यूट के पांच इंजीनियरिंग छात्रों ने दृष्टिहीनों की मदद के लिए 12 घंटे चलने वाला पहनने योग्य उपकरण विकसित किया। यह परियोजना जॉन मारम द्वारा प्रेरित है और इसका उद्देश्य पहुंच में सुधार करना है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह परियोजना दृष्टिहीन व्यक्तियों के लिए गतिशीलता और स्वतंत्रता को बढ़ा सकती है।
मुख्य बिंदु
- रोस हल्मन इंस्टीट्यूट के छात्रों ने दृष्टिहीनों के लिए एक पहनने योग्य उपकरण विकसित किया।
- यह उपकरण उन बाधाओं का पता लगाने में मदद करता है जो छड़ी या गाइड कुत्तों द्वारा नहीं देखी जा सकतीं।
- इस परियोजना को जॉन मारम ने प्रेरित किया, जिन्होंने टाइम-ऑफ-फ्लाइट सेंसर का उपयोग किया।
- यह उपकरण बैटरी से चलने वाला, कम लागत वाला है और इंटरनेट कनेक्टिविटी की आवश्यकता नहीं है।
- उपयोगकर्ता फीडबैक के आधार पर हिप्टिक फीडबैक के साथ एक टोपी संस्करण बनाया गया।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- यह पहनने योग्य उपकरण दृष्टिहीन उपयोगकर्ताओं के लिए पहुंच में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- उपयोगकर्ता फीडबैक ने बुजुर्गों के लिए डिज़ाइन की आवश्यकता को उजागर किया, जो भविष्य के संस्करणों को प्रभावित कर सकता है।
- छात्रों और पूर्व छात्र के बीच सहयोग वास्तविक दुनिया की समस्या समाधान कौशल को बढ़ावा देता है।
- यह परियोजना ओपन-सोर्स होने का लक्ष्य रखती है, जिससे उपयोगकर्ताओं के लिए व्यापक पहुंच और अनुकूलन की अनुमति मिलती है।
AI संक्षिप्त सारांश
इंडियाना के पांच छात्रों ने दृष्टिहीन उपयोगकर्ताओं की मदद के लिए एक पहनने योग्य उपकरण विकसित किया, जो पहुंच और स्वतंत्रता को बढ़ाता है।
स्रोत
Times of India