
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ कंपनी को शुद्ध ऋण-मुक्त बनाएगा, एमडी का कहना है
क्या हुआ?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के हिस्से जियो प्लेटफॉर्म्स ने लगभग 20 वर्षों में अपना पहला आईपीओ पेश करने की योजना बनाई है, जिसका लक्ष्य शुद्ध ऋण-मुक्त होना है। आईपीओ 21 अक्टूबर को शुरू होगा, जिसमें शेयरों की कीमत 1,065-1,119 रुपये के बीच होगी।
मुख्य बिंदु
- आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 को शुरू होने वाला है।
- आईपीओ की आय से जियो प्लेटफॉर्म्स शुद्ध ऋण-मुक्त होने का लक्ष्य रखता है।
- शेयरों की कीमत सीमा 1,065-1,119 रुपये है।
- कंपनी के पास 533 मिलियन ग्राहक हैं और यह भारत के वायरलेस डेटा ट्रैफिक का 60% संभालती है।
- आईपीओ के बाद आरआईएल की हिस्सेदारी 66.43% से घटकर लगभग 64.5% हो जाएगी।
- आरआईएल के शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये और कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये आरक्षित हैं।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- आईपीओ रिलायंस की दीर्घकालिक शेयरधारक मूल्य बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- जियो का मूल्यांकन भारती एयरटेल जैसे प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक है।
- आईपीओ संरचना खुदरा और संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करने के लिए है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
आईपीओ जियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय स्थिरता और शेयरधारक मूल्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
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स्रोत
Business Standard



