
जेएनयू में उमर खालिद के नारे और 'अखंड भारत' संदेश के साथ ग्रैफिटी युद्ध तेज़ हुआ
क्या हुआ?
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में राजनीतिक ग्रैफिटी की वापसी हुई है, जिसमें उमर खालिद के समर्थन में नारे और 'अखंड भारत' जैसे प्रतिकूल संदेश दीवारों पर दिखाई दे रहे हैं। जेएनयू प्रशासन स्थिति की निगरानी कर रहा है।
मुख्य बिंदु
- जेएनयू में नए ग्रैफिटी में 'कभी भी उमर खालिद को मुक्त नहीं करें' और 'लव जिहाद रोकें' जैसे नारे शामिल हैं।
- पहले के संदेश जैसे 'उमर खालिद को मुक्त करें' को पेंट कर दिया गया है।
- कैंपस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सांसद अकोइजाम के पोस्टर दिखाई दिए हैं।
- जेएनयू प्रशासन ग्रैफिटी की स्थिति की जांच कर रहा है।
- एबीवीपी ने नारों पर आपत्ति जताई है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
- छात्र विरोधों के बीच जामिया मिलिया इस्लामिया में समान राजनीतिक नारों का उदय हुआ है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- ग्रैफिटी युद्ध विभिन्न राजनीतिक विचारों वाले छात्र समूहों के बीच तनाव बढ़ा सकता है।
- प्रशासन की प्रतिक्रिया भविष्य में कैंपस पर राजनीतिक अभिव्यक्ति को प्रभावित कर सकती है।
- राजनीतिक नारों की बढ़ती दृश्यता छात्र सक्रियता में भागीदारी को प्रभावित कर सकती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
जारी ग्रैफिटी संघर्ष विश्वविद्यालय परिसरों पर तीव्र राजनीतिक माहौल को दर्शाता है।
संस्थाएँ
स्रोत
Times Now