कोडक का परमाणु उपकरण: 31 वर्षों की अनुसंधान यात्रा का विवरण
क्या हुआ?
कोडक ने 1975 से 2006 तक न्यूयॉर्क के रोचेस्टर में उच्च समृद्ध यूरेनियम वाला एक परमाणु उपकरण चलाया। एक हालिया रिपोर्ट इसके उद्देश्य और यह क्यों आत्म-निर्भर रिएक्टर नहीं था, स्पष्ट करती है।
मुख्य बिंदु
- कोडक का परमाणु उपकरण 1975 से 2006 तक 31 वर्षों तक चला।
- इस उपकरण में लगभग 3.5 पाउंड उच्च समृद्ध यूरेनियम था।
- इसे बिजली या हथियार बनाने के लिए नहीं, बल्कि अनुसंधान के लिए उपयोग किया गया।
- इस मशीन को कैलिफ़ोर्नियम न्यूट्रॉन फ्लक्स मल्टीप्लायर (CFX) के नाम से जाना जाता था।
- इसने न्यूट्रॉन सक्रियण विश्लेषण का उपयोग करके सामग्रियों में अवांछित पदार्थों की पहचान करने में मदद की।
- यह उपकरण आत्म-निर्भर रिएक्टर नहीं था और न्यूट्रॉन आपूर्ति के लिए कैलिफ़ोर्नियम पर निर्भर था।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- इस परमाणु उपकरण का अस्तित्व परमाणु सामग्रियों तक कॉर्पोरेट पहुंच के बारे में सवाल उठाता है।
- किए गए अनुसंधान का फोटोग्राफी में सामग्री सुरक्षा पर प्रभाव हो सकता है।
- सरकारी निगरानी के तहत उपकरण का संचालन कॉर्पोरेट अनुसंधान में नियामक निगरानी को उजागर करता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
कोडक की परमाणु प्रौद्योगिकी के उपयोग को समझना कंपनी के व्यापक अनुसंधान प्रयासों पर प्रकाश डालता है।
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स्रोत
Times of India

