
गोवा या मनाली नहीं: 2027 के लिए कम ज्ञात भारतीय गंतव्य
क्या हुआ?
एक नई रिपोर्ट में पता चला है कि भारतीय यात्री 2027 के लिए कम ज्ञात गंतव्यों में रुचि दिखा रहे हैं, अनोखे अनुभव और बाहरी रोमांच की तलाश कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- 55% भारतीय यात्री 2027 में कम ज्ञात गंतव्यों पर जाने की योजना बना रहे हैं।
- 42% यात्रा का मुख्य कारण बाहरी रोमांच को बताते हैं।
- 14% भारतीय यात्री आध्यात्मिक यात्रा को प्राथमिकता देते हैं, जो एशिया के औसत 4% से काफी अधिक है।
- पुष्कर, धर्मशाला और लेह शीर्ष उभरते गंतव्यों में शामिल हैं।
- 2027 में भारतीय यात्राओं का 26% 8-12 दिन तक रहने की उम्मीद है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- कम ज्ञात गंतव्यों की ओर बढ़ता रुझान स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं के विकास को प्रोत्साहित कर सकता है।
- बाहरी गतिविधियों में बढ़ती रुचि साहसिक पर्यटन सेवाओं को बढ़ावा दे सकती है।
- आध्यात्मिक यात्राएं धार्मिक स्थलों वाले क्षेत्रों में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ा सकती हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यात्रा की प्राथमिकताओं में यह बदलाव भारत के कम ज्ञात क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ा सकता है।
स्रोत
Times Now
