
म्यूचुअल फंड्स ने रुपये के दबाव के कारण गोल्ड फंड ऑफ फंड्स में नई निवेश रोक दी
क्या हुआ?
म्यूचुअल फंड्स ने शुक्रवार से गोल्ड फंड ऑफ फंड्स (FoFs) में नई निवेश स्वीकार करना बंद कर दिया है, यह भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्देशों के बाद किया गया है। यह निर्णय चालू खाता घाटे और कमजोर रुपये के कारण उठाया गया है।
मुख्य बिंदु
- म्यूचुअल फंड्स ने शुक्रवार से गोल्ड फंड ऑफ फंड्स में नई निवेश रोक दी है।
- यह प्रतिबंध भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा लगाए गए हैं।
- चालू खाता घाटे और रुपये के दबाव के कारण यह निर्णय लिया गया।
- मौजूदा प्रणालीगत निवेश योजनाएं (SIPs) और स्विच लेनदेन जारी रहेंगे।
- चांदी के फंड ऑफ फंड्स में भी समान प्रतिबंध लगाए गए हैं।
- गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETFs) निवेश के लिए खुले हैं।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- ये प्रतिबंध कुल सोने और चांदी के प्रवाह में कमी ला सकते हैं।
- FoFs खुदरा निवेशकों द्वारा पसंद किए जाते हैं क्योंकि ये ETFs की तुलना में निवेश में आसान होते हैं।
- जून में लगाए गए पिछले प्रतिबंधों को हटा लिया गया था, जो एक अस्थिर निवेश वातावरण को दर्शाता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
निवेश में रुकावट उन खुदरा निवेशकों को प्रभावित कर सकती है जो गोल्ड FoFs को एक सरल निवेश विकल्प के रूप में पसंद करते हैं।
स्रोत
Business Standard



