
गाँव की गृहिणी से नमो ड्रोन दीदी: नीतू सिंह की खेती में सफलता
क्या हुआ?
नीतू सिंह, जिन्हें 'नमो ड्रोन दीदी' के नाम से जाना जाता है, ने उत्तर प्रदेश में मुफ्त ड्रोन छिड़काव सेवाएँ देकर अपनी ज़िंदगी बदल दी, अब वह रोज़ 2,000 रुपये कमाती हैं और दो सहायक रखती हैं।
मुख्य बिंदु
- नीतू सिंह ने वाराणसी के उंच गाँव में अपने ड्रोन छिड़काव व्यवसाय की शुरुआत की।
- उन्होंने पहले किसानों का विश्वास जीतने के लिए 20 से 25 एकड़ में मुफ्त सेवाएँ दीं।
- सिंह अब रोज़ 2,000 रुपये तक कमाती हैं और दो सहायक रखती हैं।
- उनकी सेवाएँ उत्तर प्रदेश के कई जिलों और बिहार तक फैल गई हैं।
- ड्रोन एक एकड़ में लगभग 15 मिनट में छिड़काव कर सकता है, जिससे श्रम का समय काफी कम होता है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- सिंह की यात्रा आधुनिक कृषि में ड्रोन तकनीक की संभावनाओं को दर्शाती है।
- उनका व्यवसाय मॉडल अन्य ग्रामीण महिलाओं को समान अवसरों की खोज के लिए प्रेरित कर सकता है।
- प्रधानमंत्री मोदी से मिली पहचान कृषि में महिलाओं के लिए बढ़ते समर्थन की संभावना पैदा कर सकती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
नीतू सिंह की सफलता की कहानी दिखाती है कि कैसे तकनीक ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बना सकती है और कृषि प्रथाओं को बदल सकती है।
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स्रोत
India Today

