
भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने आईएसएस को अपग्रेड करने के लिए महत्वपूर्ण स्पेसवॉक पूरा किया
क्या हुआ?
भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर अंतिम सौर पैनल स्थापित करने के लिए लगभग सात घंटे का स्पेसवॉक पूरा किया, जिससे इसकी शक्ति क्षमता बढ़ी।
मुख्य बिंदु
- अनिल मेनन और जोशुआ कुट्रिक ने 5 नवंबर, 2026 को स्पेसवॉक पूरा किया।
- स्पेसवॉक की अवधि छह घंटे और 59 मिनट थी।
- यह मेनन का पांचवां और कुट्रिक का दूसरा स्पेसवॉक था।
- अंतिम सौर पैनल की स्थापना आईएसएस की बिजली क्षमता को 160 किलोवाट से लगभग 215 किलोवाट तक बढ़ाती है।
- शक्ति अपग्रेड कार्यक्रम फरवरी 2021 में शुरू हुआ और इसके लिए 18 स्पेसवॉक की आवश्यकता थी।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- सौर पैनलों की सफल स्थापना भविष्य के अनुसंधान के लिए आईएसएस की क्षमताओं को बढ़ा सकती है।
- फ्लाइट सर्जन के रूप में मेनन का अनुभव अंतरिक्ष मिशनों में उनकी प्रभावशीलता में योगदान कर सकता है।
- इस अपग्रेड के पूरा होने से आईएसएस पर ऊर्जा के अधिक कुशल उपयोग की संभावना हो सकती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह अपग्रेड आईएसएस के वैज्ञानिक प्रयोगों और ऑनबोर्ड सिस्टम का समर्थन करने के लिए महत्वपूर्ण है।
संस्थाएँ
स्रोत
India Today