
NASSCOM ने DHS के H-1B वीज़ा शुल्क को $103,265 पर निर्धारित करने के प्रस्ताव का जवाब दिया
NASSCOM ने DHS के H-1B वीज़ा शुल्क को $103,265 पर निर्धारित करने के प्रस्ताव की आलोचना की, अमेरिका में कौशल अंतर को दूर करने में कार्यक्रम की भूमिका पर जोर दिया। जनता के पास टिप्पणी करने के लिए 30 दिन हैं।
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क्या हुआ?
NASSCOM ने DHS के H-1B वीज़ा शुल्क को $103,265 पर निर्धारित करने के प्रस्ताव की आलोचना की, अमेरिका में कौशल अंतर को दूर करने में कार्यक्रम की भूमिका पर जोर दिया। जनता के पास टिप्पणी करने के लिए 30 दिन हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
प्रस्तावित शुल्क वृद्धि अमेरिकी कंपनियों की कुशल विदेशी श्रम तक पहुंच को प्रभावित कर सकती है, जो उनके संचालन और कार्यबल रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है।
मुख्य बिंदु
- DHS ने H-1B वीज़ा शुल्क को $103,265 पर निर्धारित करने का प्रस्ताव दिया।
- NASSCOM ने अमेरिका में कौशल अंतर को दूर करने में कार्यक्रम के महत्व पर जोर दिया।
- सार्वजनिक टिप्पणी के लिए 30 दिन हैं।
- NASSCOM ने भारतीय तकनीकी कंपनियों के H-1B कर्मचारियों में महत्वपूर्ण कमी का उल्लेख किया।
- उद्योग ने अमेरिका में STEM शिक्षा में $1.1 बिलियन से अधिक का निवेश किया है।
- NASSCOM इस मुद्दे पर हितधारकों के साथ बातचीत करने की योजना बना रहा है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- NASSCOM की प्रतिक्रिया प्रवासन नीति और तकनीकी उद्योग पर इसके प्रभाव पर चल रही बहस को उजागर करती है।
- H-1B कर्मचारियों में कमी भारतीय तकनीकी कंपनियों द्वारा स्थानीय भर्ती की ओर एक बदलाव का संकेत देती है।
- STEM शिक्षा में निवेश अमेरिका में स्थानीय प्रतिभा विकसित करने के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
AI संक्षिप्त सारांश
NASSCOM ने DHS के प्रस्तावित H-1B वीज़ा शुल्क $103,265 की आलोचना की, अमेरिका में कौशल अंतर को दूर करने में कार्यक्रम की भूमिका पर जोर दिया।
स्रोत
The Hindu

