नैटको की जेनेरिक SMA दवा स्वीकृत; लेबल पर केरल विवाद
क्या हुआ?
नैटको फार्मा की जेनेरिक दवा स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के लिए स्वीकृत हो गई है, लेकिन 'क्लिनिकल ट्रायल' के लेबल को लेकर केरल में विवाद उत्पन्न हुआ है। माता-पिता ने दवा के उपयोग को लेकर चिंताएँ व्यक्त की हैं।
मुख्य बिंदु
- नैटको का रिस्डिप्लाम पाउडर ओरल सॉल्यूशन तेलंगाना के FDA द्वारा स्वीकृत किया गया था।
- दवा की स्वीकृति 7 अप्रैल, 2025 को दी गई थी।
- माता-पिता ने 'फिजिशियन सैंपल/क्लिनिकल ट्रायल' लेबल पर चिंता व्यक्त की।
- नैटको का जेनेरिक संस्करण ₹15,900 में उपलब्ध है, जबकि रोश का ₹6 लाख है।
- केरल सरकार ने पहले रोश की ब्रांडेड दवा मुफ्त में उपलब्ध कराई थी।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- यह विवाद फार्मास्यूटिकल्स में स्पष्ट लेबलिंग के महत्व को उजागर करता है।
- नैटको की जेनेरिक दवा पर स्विच करने से अधिक रोगियों के लिए उपचार की पहुंच बढ़ सकती है।
- माता-पिता की चिंताएँ दवा की स्वीकृति में पारदर्शिता की आवश्यकता को दर्शाती हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
नैटको की दवा की स्वीकृति केरल में SMA के लिए उपचार लागत को काफी कम कर सकती है।
संस्थाएँ
स्रोत
Times of India


