ईंधन रिसाव सीमित करने के लिए नए मानदंड, रियर-एंड टकराव में ईवी बैटरी की सुरक्षा
क्या हुआ?
भारतीय सरकार ने वाहनों में ईंधन और इलेक्ट्रिक पावर सिस्टम के लिए कड़े मानदंड पेश किए हैं, जो अप्रैल 2029 से प्रभावी होंगे, ताकि रियर-एंड टकराव के दौरान सुरक्षा बढ़ाई जा सके। नए मानदंडों में अक्टूबर 2029 से ईवेंट डेटा रिकॉर्डर के लिए AIS-192 के अनुपालन को अनिवार्य करना शामिल है।
मुख्य बिंदु
- नई वाहन मानक अप्रैल 2029 से अनिवार्य होंगे।
- ईवेंट डेटा रिकॉर्डर के लिए AIS-192 मानक अक्टूबर 2029 से अनिवार्य होगा।
- रियर-इम्पैक्ट क्रैश टेस्ट के बाद तरल ईंधन प्रणालियों को 30 ग्राम प्रति मिनट रिसाव तक सीमित करना होगा।
- इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी को इम्पैक्ट टेस्ट के दौरान सुरक्षित रहना चाहिए।
- पैदल यात्री सुरक्षा के लिए संशोधित मानक नए मॉडलों पर अक्टूबर 2028 से लागू होंगे।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- इन मानकों के कार्यान्वयन से भारतीय सड़कों पर सुरक्षित वाहन हो सकते हैं।
- निर्माताओं को अद्यतन नियमों के अनुपालन के लिए नई तकनीकों में निवेश करने की आवश्यकता हो सकती है।
- ईवेंट डेटा रिकॉर्डर पर ध्यान केंद्रित करने से दुर्घटना विश्लेषण और प्रतिक्रिया में सुधार हो सकता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
ये नए नियम वाहन सुरक्षा को बढ़ाने और टकराव में आग के जोखिम को कम करने के लिए हैं, जो संभावित रूप से जीवन बचा सकते हैं।
स्रोत
Times of India
