वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट से पहले LTCG, STT परिवर्तनों पर प्रतिबद्धता से बचा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संघीय बजट की तैयारी के बीच दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (LTCG) कर या प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) में किसी भी बदलाव की पुष्टि नहीं की। उन्होंने निवेशक फीडबैक के प्रति सरकार की खुली सोच पर जोर दिया।
क्या हुआ?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संघीय बजट की तैयारी के बीच दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (LTCG) कर या प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) में किसी भी बदलाव की पुष्टि नहीं की। उन्होंने निवेशक फीडबैक के प्रति सरकार की खुली सोच पर जोर दिया।
AI संक्षिप्त सारांश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने LTCG या STT में बदलाव की पुष्टि नहीं की, निवेशक फीडबैक के प्रति खुलापन पर जोर दिया।
मुख्य बिंदु
- निर्मला सीतारमण ने LTCG और STT में संभावित परिवर्तनों पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
- SBI रिसर्च ने दीर्घकालिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए शेयरों पर LTCG कर समाप्त करने का प्रस्ताव दिया।
- विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर 2026 में 44,166 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
- विदेशी निवेशकों के लिए वर्तमान LTCG कर दर 12.5 प्रतिशत है।
- सीतारमण ने रुपये की अवमूल्यन पर बात की, कहा कि RBI अस्थिरता को सीमित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
- अवसंरचना, सेमीकंडक्टर्स और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश के अवसरों को उजागर किया गया।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- LTCG और STT में बदलाव दीर्घकालिक विदेशी निवेश को आकर्षित कर सकते हैं।
- LTCG कर समाप्त करने का प्रस्ताव भारतीय शेयरों में विदेशी पूंजी प्रवाह को स्थिर कर सकता है।
- रुपये की अस्थिरता को सीमित करने पर RBI का ध्यान मुद्रा में निवेशक विश्वास को बढ़ा सकता है।
- अवसंरचना और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
LTCG और STT पर सरकार की स्थिति निवेशक भावना और बाजार स्थिरता को प्रभावित कर सकती है।
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स्रोत
Times of India


