डॉक्टरों और अस्पतालों को मरीजों की प्रशंसा के लिए एआई का उपयोग करने से मना किया गया: एनएमसी
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें डॉक्टरों और अस्पतालों को मरीजों की प्रशंसा बनाने या खोज रैंकिंग में हेरफेर करने से मना किया गया है। उल्लंघनों पर दंड लगाया जा सकता है, जिसमें निलंबन भी शामिल है।
क्या हुआ?
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें डॉक्टरों और अस्पतालों को मरीजों की प्रशंसा बनाने या खोज रैंकिंग में हेरफेर करने से मना किया गया है। उल्लंघनों पर दंड लगाया जा सकता है, जिसमें निलंबन भी शामिल है।
AI संक्षिप्त सारांश
एनएमसी ने मरीजों की प्रशंसा और विज्ञापन में एआई के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है, उल्लंघनों के लिए सख्त दंड लागू किए हैं।
मुख्य बिंदु
- डॉक्टरों और अस्पतालों को विज्ञापन के लिए एआई-जनित सामग्री का उपयोग करने की अनुमति नहीं है।
- खोज रैंकिंग में हेरफेर करना या अविश्वसनीय दावे करना मना है।
- उल्लंघनों पर दंड लगाया जा सकता है, जिसमें प्रैक्टिस से निलंबन भी शामिल है।
- डॉक्टर तथ्यात्मक स्वास्थ्य शिक्षा के लिए सोशल मीडिया का उपयोग कर सकते हैं।
- रोगी की तस्वीरों के लिए वैध सहमति की आवश्यकता है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- एआई-जनित प्रशंसा पर प्रतिबंध स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के अपने सेवाओं का विपणन करने के तरीके को प्रभावित कर सकता है।
- रोगियों को अधिक पारदर्शी और सत्यापन योग्य विज्ञापन प्रथाओं से लाभ हो सकता है।
- ये दिशा-निर्देश चिकित्सा पेशेवरों के डिजिटल प्लेटफार्मों के साथ जुड़ने के तरीके में बदलाव ला सकते हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
ये दिशा-निर्देश स्वास्थ्य सेवा में नैतिक विज्ञापन प्रथाओं को सुनिश्चित करने के लिए हैं।
स्रोत
Times of India
