नॉर्थ डकोटा सुप्रीम कोर्ट ने अविवाहित जोड़े को संयुक्त रूप से गोद लेने से रोका
क्या हुआ?
नॉर्थ डकोटा सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि एक अविवाहित जोड़ा एक साथ बच्चे को गोद नहीं ले सकता, जिससे एक दादी और उनके साथी की याचिका को रोका गया है।
मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट ने 6 नवंबर, 2026 को फैसला सुनाया।
- जोड़ा, D.W. और A.D., 2007 से एक साथ रह रहा है।
- A.D. बच्चे, T.J.W.-H. की मातृ दादी है।
- दोनों जैविक माता-पिता ने गोद लेने की सहमति दी।
- नॉर्थ डकोटा का कानून केवल एक अविवाहित वयस्क को बच्चे को गोद लेने की अनुमति देता है।
- मामला आगे की कार्यवाही के लिए मैकेंज़ी काउंटी जिला अदालत में लौटेगा।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- यह निर्णय अविवाहित जोड़ों के लिए नॉर्थ डकोटा के गोद लेने के कानूनों की सीमाओं को उजागर करता है।
- यह अविवाहित भागीदारों द्वारा संयुक्त गोद लेने की अनुमति देने के लिए विधायी परिवर्तनों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
- यह निर्णय राज्य में पारिवारिक कानून सुधारों पर चर्चा को प्रेरित कर सकता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह निर्णय नॉर्थ डकोटा में गोद लेने की कोशिश कर रहे अविवाहित जोड़ों के कानूनी अधिकारों को प्रभावित करता है।
संस्थाएँ
स्रोत
Times of India