
उत्तर कोरियाई हैकर्स ने आईटी नौकरी चाहने वालों को ठगा, 100 करोड़ रुपये चुराए
उत्तर कोरियाई हैकिंग समूह, वॉटरप्लम ने वैश्विक स्तर पर आईटी नौकरी चाहने वालों को ठगा, लगभग 100 करोड़ रुपये की क्रिप्टोक्यूरेंसी चुराई। समूह ने दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच 30,000 से अधिक उपकरणों को लक्षित किया।
क्या हुआ?
उत्तर कोरियाई हैकिंग समूह, वॉटरप्लम ने वैश्विक स्तर पर आईटी नौकरी चाहने वालों को ठगा, लगभग 100 करोड़ रुपये की क्रिप्टोक्यूरेंसी चुराई। समूह ने दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच 30,000 से अधिक उपकरणों को लक्षित किया।
AI संक्षिप्त सारांश
उत्तर कोरियाई हैकर्स ने वैश्विक स्तर पर आईटी नौकरी चाहने वालों को ठगा, 100 करोड़ रुपये की क्रिप्टोक्यूरेंसी चुराई।
मुख्य बिंदु
- वॉटरप्लम ने 100 से अधिक देशों में आईटी नौकरी चाहने वालों को ठगा।
- समूह ने 30,000 उपकरणों तक पहुंच बनाकर लगभग 100 करोड़ रुपये चुराए।
- उन्होंने उम्मीदवारों को धोखा देने के लिए भर्तीकर्ताओं के रूप में पेश किया।
- यह अभियान दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 तक चला।
- 7,000 से अधिक क्रिप्टोक्यूरेंसी वॉलेट प्रभावित हुए।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- यह धोखाधड़ी ऑनलाइन नौकरी प्लेटफार्मों की बढ़ती जांच का कारण बन सकती है।
- आईटी पेशेवरों को कड़े सुरक्षा उपाय अपनाने की आवश्यकता हो सकती है।
- यदि उनके कर्मचारियों के उपकरणों से समझौता किया जाता है, तो कंपनियों को जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह धोखाधड़ी आईटी पेशेवरों के लिए नौकरी बाजार में कमजोरियों को उजागर करती है।
स्रोत
India Today



