पैरा-शटलरों ने दिल्ली HC में एशियन पैरा गेम्स के लिए गैर-चयन को चुनौती दी
क्या हुआ?
चिराग बरेथा और अन्य पैरा-शटलरों ने एशियन पैरा गेम्स के लिए गैर-चयन के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, यह दावा करते हुए कि वे आवश्यक मानदंडों को पूरा करते हैं।
मुख्य बिंदु
- चिराग बरेथा दो बार एशियाई खेलों के पदक विजेता हैं, जिन्होंने 2023 में रजत और 2018 में कांस्य जीता।
- याचिका में तर्क किया गया है कि बरेथा और मंदीप कौर 14 जुलाई, 2026 को अपनी श्रेणी में विश्व नंबर 6 थे।
- राकेश पांडे, जिन पर डोपिंग का प्रतिबंध है, चयन मानदंडों को पूरा किए बिना पुरुष युगल में प्रतिस्पर्धा करने वाले हैं।
- पांडे के साथी विक्रम ने बिना सहमति के युगल ड्रॉ में शामिल होने पर असंतोष व्यक्त किया।
- पैरा-शटलरों का दावा है कि उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन किया है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- यदि अदालत पैरा-शटलरों के पक्ष में निर्णय देती है, तो यह खेल प्राधिकरणों द्वारा उपयोग किए जाने वाले चयन मानदंडों की समीक्षा का कारण बन सकता है।
- यह विवाद एथलीट चयन प्रक्रियाओं की पारदर्शिता में संभावित मुद्दों को उजागर करता है।
- यह स्थिति अन्य खिलाड़ियों को भी कानूनी उपायों की तलाश करने के लिए प्रेरित कर सकती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
इस मामले का परिणाम पैरा-खिलाड़ियों के लिए भविष्य की चयन प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकता है।
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स्रोत
Times of India

