भारत में प्रीमियम स्पिरिट्स की बिक्री सस्ती शराब से आगे बढ़ी
भारत में प्रीमियम स्पिरिट्स की बिक्री सस्ती शराब की तुलना में तेजी से बढ़ रही है, जिसमें प्रीमियम उत्पादों के लिए 10.2% वार्षिक वृद्धि दर का संकेत दिया गया है। यह बदलाव बढ़ती आय और उपभोक्ता प्राथमिकताओं में बदलाव के कारण है।
क्या हुआ?
भारत में प्रीमियम स्पिरिट्स की बिक्री सस्ती शराब की तुलना में तेजी से बढ़ रही है, जिसमें प्रीमियम उत्पादों के लिए 10.2% वार्षिक वृद्धि दर का संकेत दिया गया है। यह बदलाव बढ़ती आय और उपभोक्ता प्राथमिकताओं में बदलाव के कारण है।
AI संक्षिप्त सारांश
भारत में प्रीमियम स्पिरिट्स तेजी से बढ़ रही हैं, जिसमें 10.2% वार्षिक वृद्धि दर है, जो उपभोक्ता प्राथमिकताओं में बदलाव को दर्शाती है।
मुख्य बिंदु
- प्रीमियम स्पिरिट्स की बिक्री 2022 से 2025 के बीच 10.2% की वार्षिक दर से बढ़ी।
- सस्ती शराब श्रेणियों की वृद्धि केवल 1.1% थी, जबकि नियमित स्पिरिट्स के लिए 1.4% थी।
- सुपर-प्रीमियम भारतीय स्पिरिट्स की वार्षिक वृद्धि लगभग 34% थी।
- भारतीय माल्ट व्हिस्की की वार्षिक वृद्धि लगभग 39% थी, जिसने 2024 में स्कॉच माल्ट को पीछे छोड़ दिया।
- आयातित स्पिरिट्स की वार्षिक वृद्धि लगभग 8% थी, जिससे उनका बाजार हिस्सा 2.4% से 2.7% हो गया।
- भारत में कुल स्पिरिट्स बाजार का अनुमान 6.2 लाख करोड़ रुपये ($71 बिलियन) है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- प्रीमियम स्पिरिट्स की ओर बदलाव बढ़ती मध्यम वर्ग की आय को दर्शा सकता है।
- उत्पाद दृश्यता बढ़ाने वाली खुदरा रणनीतियाँ प्रीमियम खंड की वृद्धि में योगदान कर रही हैं।
- भारतीय माल्ट व्हिस्की की बढ़ती लोकप्रियता आयातित ब्रांडों के खिलाफ प्रतिस्पर्धात्मक परिदृश्य को बदल सकती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
प्रीमियम स्पिरिट्स में वृद्धि भारत में उपभोक्ता प्राथमिकताओं और आर्थिक स्थितियों में बदलाव को दर्शाती है।
स्रोत
Times of India


