
QS सीईओ ने विश्वविद्यालय चुनने में रैंकिंग से परे देखने की सलाह दी
QS की सीईओ जेसिका टर्नर ने कहा कि छात्रों को कॉलेज चुनते समय विश्वविद्यालय की रैंकिंग के अलावा विषय की ताकत और नियोक्ता की प्रतिष्ठा जैसे कारकों पर विचार करना चाहिए।
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क्या हुआ?
QS की सीईओ जेसिका टर्नर ने कहा कि छात्रों को कॉलेज चुनते समय विश्वविद्यालय की रैंकिंग के अलावा विषय की ताकत और नियोक्ता की प्रतिष्ठा जैसे कारकों पर विचार करना चाहिए।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह सलाह छात्रों को अपनी शिक्षा के बारे में अधिक सूचित निर्णय लेने में मदद कर सकती है।
मुख्य बिंदु
- छात्रों को विश्वविद्यालय की रैंकिंग पर पूरी तरह से निर्भर नहीं होना चाहिए।
- रैंकिंग के पीछे के डेटा को समझना महत्वपूर्ण है।
- जैसे विषय की ताकत और नियोक्ता की प्रतिष्ठा जैसे कारक अधिक महत्वपूर्ण हैं।
- छात्रों को अनुसंधान के अवसरों और करियर के परिणामों की जांच करनी चाहिए।
- जानकारी के लिए रैंकिंग को अन्य जानकारी के साथ मिलाना चाहिए।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- जो छात्र अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, उन्हें मजबूत अनुसंधान प्रदर्शन वाले विश्वविद्यालयों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
- नियोक्ता की प्रतिष्ठा स्नातकों के करियर के परिणामों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।
- एक विश्वविद्यालय की विशिष्ट ताकत को समझने से बेहतर शैक्षिक विकल्प मिल सकते हैं।
AI संक्षिप्त सारांश
QS की सीईओ जेसिका टर्नर ने छात्रों को विश्वविद्यालय चुनते समय रैंकिंग के अलावा कारकों पर विचार करने की सलाह दी।
स्रोत
India Today



