
संजय राउत ने पीएम की यात्रा से पहले महाराष्ट्र में 32,490 पेड़ काटने के आदेश की आलोचना की
क्या हुआ?
संजय राउत ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के वन विभाग ने पीएम मोदी की यात्रा से पहले भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य के पास 32,000 से अधिक पेड़ काटने का आदेश दिया।
मुख्य बिंदु
- महाराष्ट्र वन विभाग ने सैडोंगर-आई करजट पंपेड स्टोरेज हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के लिए 32,490 पेड़ों को काटने की मंजूरी दी।
- यह परियोजना, जो टॉरेंट पावर द्वारा प्रस्तावित है, रायगढ़ जिले में स्थित है और इसकी क्षमता 3,000 मेगावाट है।
- इस परियोजना के लिए 197 हेक्टेयर आरक्षित वन और अन्य वन भूमि को साफ करने की आवश्यकता है।
- राउत ने एक वन अधिकारी का पत्र साझा किया जिसमें पीएम मोदी की यात्रा से पहले पेड़ों को तुरंत हटाने की आवश्यकता बताई गई है।
- विपक्ष और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने पेड़ काटने की आलोचना की, सरकार पर जंगलों और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- पेड़ काटने से भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य में विभिन्न प्रजातियों के लिए आवास का नुकसान हो सकता है।
- स्थानीय समुदायों को परियोजना के कारण पर्यावरणीय गिरावट का सामना करना पड़ सकता है।
- यह विवाद सरकार की पर्यावरण नीतियों के प्रति जनता की धारणा को प्रभावित कर सकता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह निर्णय महाराष्ट्र में स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
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स्रोत
India Today



