
सुप्रीम कोर्ट ने जेल भेदभाव पर 23 राज्यों को अंतिम चेतावनी दी
क्या हुआ?
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने जेलों में भेदभाव के संबंध में पूछे गए सवालों का जवाब न देने पर 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर निराशा व्यक्त की है और अंतिम चेतावनी दी है। कोर्ट ने पहले जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ ऐतिहासिक निर्णय दिया था।
मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने केंद्र के सवालों का जवाब नहीं दिया है।
- कोर्ट ने जवाब न देने की स्थिति को 'बहुत दुखद' बताया।
- अक्टूबर 2024 में एक ऐतिहासिक निर्णय ने जाति आधारित भेदभाव की अनुमति देने वाले जेल नियमों को रद्द कर दिया।
- कोर्ट ने राज्यों को अगले सुनवाई से पहले जवाब देने का अंतिम अवसर दिया है, जो 13 जनवरी को होगी।
- जवाब न देने पर मुख्य सचिवों को कोर्ट में बुलाया जा सकता है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी राज्यों को जेल सुधारों पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए प्रेरित कर सकती है।
- अनुपालन में विफलता से राज्य अधिकारियों की बढ़ती जांच हो सकती है।
- यह स्थिति भारत में शासन और जवाबदेही की व्यापक समस्याओं को दर्शाती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह मामला भारत के जेल प्रणाली में भेदभाव की चल रही समस्याओं को उजागर करता है।
स्रोत
Times Now


