
पेरुमल मुरुगन ने तमिलनाडु राजनीतिक इतिहास की पुस्तक में त्रुटियों को उजागर किया
क्या हुआ?
पेरुमल मुरुगन ने कोयंबटूर के पेरियार अरिवुलागम पुस्तकालय में एक पुस्तक में गलतियों को उजागर किया है, जिसमें 1947 में मद्रास के प्रीमियर के रूप में मुथुवेलु सुब्बैया अय्यर का नाम गलत बताया गया है। सरकार ने जांच का आदेश दिया है।
मुख्य बिंदु
- 'तमिलनाडु ओुरु पार्वै' पुस्तक में मुथुवेलु सुब्बैया अय्यर को 1947 में मद्रास के प्रीमियर के रूप में गलत बताया गया है।
- जब भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की, तब ओ.पी. रामास्वामी रेड्डीयर वास्तव में प्रीमियर थे।
- पेरुमल मुरुगन ने पुस्तकालय की यात्रा के दौरान इन त्रुटियों का पता लगाया।
- यह पुस्तकालय मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा उद्घाटन किया गया था।
- सरकार ने पुस्तकालय की पुस्तक खरीद प्रक्रिया की जांच का आदेश दिया है।
- मुरुगन ने अगल विलक्कु पथिपागम द्वारा आपूर्ति की गई अन्य संदिग्ध शीर्षकों को उजागर किया।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- पुस्तक में त्रुटियाँ तमिलनाडु में ऐतिहासिक कथाओं के पुनर्मूल्यांकन की ओर ले जा सकती हैं।
- सरकार की प्रतिक्रिया पुस्तकालय अधिग्रहण में सार्वजनिक विश्वास को प्रभावित कर सकती है।
- यह घटना शिक्षा में सटीक ऐतिहासिक दस्तावेज़ीकरण के महत्व को उजागर करती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह जांच तमिलनाडु में शैक्षिक संसाधनों की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है।
स्रोत
Times Now

