
अमेरिका के शीर्ष प्रोफेसर ने चेतावनी दी कि 75% नींद की एपनिया के मरीजों का पता नहीं चल सकता
क्या हुआ?
डॉ. सैराम पार्थसारथी ने बताया कि लगभग 75% अवरोधक नींद की एपनिया के मरीजों का पता नहीं चल पाता, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने समग्र स्वास्थ्य के लिए नींद के महत्व पर जोर दिया।
मुख्य बिंदु
- नींद की एपनिया लगभग एक अरब लोगों को प्रभावित करती है, जिनमें से कई का पता नहीं चल पाता।
- लक्षणों में दिन के समय नींद आना और सुबह के सिरदर्द शामिल हैं।
- अवरोधक नींद की एपनिया का इलाज न कराने से दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।
- प्रतिरोधी उच्च रक्तचाप वाले मरीजों में से लगभग 70% को अवरोधक नींद की एपनिया होती है।
- डॉ. पार्थसारथी नींद के स्वास्थ्य के प्रति बेहतर जागरूकता की आवश्यकता पर जोर देते हैं।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- नींद की एपनिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने से जल्दी निदान और उपचार हो सकता है।
- उच्च रक्तचाप और हृदय समस्याओं वाले मरीजों को स्क्रीनिंग से महत्वपूर्ण लाभ हो सकता है।
- नींद की गुणवत्ता में सुधार समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के लिए आवश्यक है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
नींद की एपनिया की व्यापकता को समझने से बेहतर निदान और उपचार की संभावना बढ़ सकती है, जिससे कई जीवन में सुधार हो सकता है।
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स्रोत
Times Now