
अमेरिका ने इंफोसिस और एचसीएल समेत भारतीय आईटी कंपनियों का ग्रीन कार्ड प्रोग्राम सस्पेंड किया
अमेरिकी श्रम विभाग ने कई बड़ी आईटी कंपनियों, जैसे इंफोसिस और एचसीएल, के लिए परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम को सस्पेंड कर दिया है, जिसका आरोप दुरुपयोग का है। इससे विदेशी कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड आवेदन में देरी हो सकती है।
क्या हुआ?
अमेरिकी श्रम विभाग ने कई बड़ी आईटी कंपनियों, जैसे इंफोसिस और एचसीएल, के लिए परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम को सस्पेंड कर दिया है, जिसका आरोप दुरुपयोग का है। इससे विदेशी कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड आवेदन में देरी हो सकती है।
AI संक्षिप्त सारांश
अमेरिका ने बड़ी आईटी कंपनियों के लिए ग्रीन कार्ड प्रोग्राम सस्पेंड किया है, जिससे विदेशी कर्मचारियों के आवेदन प्रभावित होंगे।
मुख्य बिंदु
- अमेरिका ने कई आईटी कंपनियों, जैसे इंफोसिस और एचसीएल, के लिए परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम को सस्पेंड कर दिया है।
- इन कंपनियों पर ग्रीन कार्ड प्रोग्राम के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
- माइक्रोसॉफ्ट को इस कार्यक्रम के दुरुपयोग के लिए विशेष रूप से आलोचना का सामना करना पड़ा।
- यह सस्पेंशन उन विदेशी कर्मचारियों पर असर डाल सकता है, जो इन कंपनियों के माध्यम से ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर रहे हैं।
- हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड जैसी नौ विश्वविद्यालयों की भी जांच की जा रही है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- यह सस्पेंशन प्रभावित कर्मचारियों के लिए ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में देरी बढ़ा सकता है।
- कंपनियों को अमेरिकी नियमों का पालन करने के लिए अपनी भर्ती प्रथाओं पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता हो सकती है।
- विश्वविद्यालयों की जांच तकनीकी क्षेत्र में रोजगार प्रथाओं की व्यापक जांच को दर्शाती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह कार्रवाई उन विदेशी कर्मचारियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है, जो इन कंपनियों के माध्यम से ग्रीन कार्ड की तलाश में हैं।
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स्रोत
India Today
