
नई वंदे भारत ट्रेन में तकनीकी खामियां, कपूरथला फैक्ट्री से बनी पहली ट्रेन
क्या हुआ?
रेलवे बोर्ड ने कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री से बनी पहली 16 कोच वाली वंदे भारत चेयर कार के संचालन की मंजूरी दी है। हालांकि, कई तकनीकी खामियां सामने आई हैं, जिनमें टचस्क्रीन की खराबी और अग्निशामक यंत्रों के ढीले कवर शामिल हैं।
मुख्य बिंदु
- नई वंदे भारत ट्रेन को 160 किमी/घंटा की रफ्तार से चलाने की मंजूरी मिली है, लेकिन नेटवर्क प्रतिबंधों के कारण इसे 130 किमी/घंटा तक ही सीमित रखा जाएगा।
- तकनीकी खामियों में ड्राइवर के लिए टचस्क्रीन की खराबी और ट्रेन में लगे मिनिएचर सर्किट ब्रेकर (MCB) को लेकर चिंता शामिल है।
- नई ट्रेन में लगे MCB सिंगल-पोल हैं, जबकि पहले के मॉडल में डबल-पोल MCB थे, जिससे खराबी का पता लगाना मुश्किल हो सकता है।
- रेलवे बोर्ड ने आरसीएफ को इन समस्याओं को तुरंत हल करने का निर्देश दिया है।
- नई ट्रेन में एल्सटॉम का प्रोपल्शन सिस्टम है और यह कपूरथला में निर्मित पहली वंदे भारत ट्रेन है।
- अग्निशामक यंत्रों के ढीले कवर को लेकर भी चिंता जताई गई है, जिन्हें सुरक्षा के लिए ठीक से कसना आवश्यक है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- पहचान की गई तकनीकी खामियां नई ट्रेन की पूर्ण संचालन क्षमताओं में देरी कर सकती हैं।
- सिंगल-पोल MCBs का उपयोग तकनीशियनों के लिए रखरखाव की चुनौतियों को बढ़ा सकता है।
- आपात स्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए अग्निशामक यंत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
इन तकनीकी खामियों को दूर करना नई वंदे भारत ट्रेन सेवा की सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
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स्रोत
India Today