अमेरिकी विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि आपकी चलने की आदतें डिमेंशिया के प्रारंभिक संकेत दिखा सकती हैं
टेक्सास ए एंड एम विश्वविद्यालय के शोधकर्ता यह अध्ययन कर रहे हैं कि चलने की आदतों में बदलाव डिमेंशिया के प्रारंभिक संकेत कैसे दिखा सकते हैं। चलने में सूक्ष्म परिवर्तन मस्तिष्क में बदलाव की पहचान में मदद कर सकते हैं।
क्या हुआ?
टेक्सास ए एंड एम विश्वविद्यालय के शोधकर्ता यह अध्ययन कर रहे हैं कि चलने की आदतों में बदलाव डिमेंशिया के प्रारंभिक संकेत कैसे दिखा सकते हैं। चलने में सूक्ष्म परिवर्तन मस्तिष्क में बदलाव की पहचान में मदद कर सकते हैं।
AI संक्षिप्त सारांश
टेक्सास ए एंड एम के शोधकर्ता चलने की आदतों का अध्ययन कर रहे हैं ताकि डिमेंशिया के प्रारंभिक संकेतों की पहचान की जा सके।
मुख्य बिंदु
- डिमेंशिया आमतौर पर याददाश्त की हानि और भ्रम से जुड़ा होता है।
- शोध से पता चलता है कि डिमेंशिया से संबंधित मस्तिष्क में परिवर्तन लक्षणों के प्रकट होने से कई साल पहले शुरू हो सकते हैं।
- टेक्सास ए एंड एम के शोधकर्ता चलने की आदतों की जांच कर रहे हैं ताकि डिमेंशिया के प्रारंभिक संकेतों की पहचान की जा सके।
- चलने में बदलाव में कदम की लंबाई, चौड़ाई और गति शामिल हो सकती है।
- चलने में बदलाव की पहचान करने से डिमेंशिया के लिए पहले हस्तक्षेप की संभावना बढ़ सकती है।
मुख्य अंतर्दृष्टि
- चलने में बदलाव की पहचान जल्दी करने से हस्तक्षेप के लिए अधिक समय मिल सकता है।
- भविष्य में चलने की आदतों का आकलन नियमित स्वास्थ्य जांच का हिस्सा बन सकता है।
- चलने की आदतों में बदलाव विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत दे सकता है, केवल डिमेंशिया नहीं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
चलने की आदतों को समझना डिमेंशिया की प्रारंभिक पहचान में मदद कर सकता है।
स्रोत
Times Now

